रविवार, 31 मई 2020

LIST OF FOREIGN TRAVELLERS WHO CAME IN INDIA IN HINDI





मैगस्थनीज







मौर्यकालीन इतिहास (Mauryan History) जानने का सबसे महत्त्वपूर्ण स्रोत मैगस्थनीज (Megasthenes) द्वारा लिखी गई पुस्तक इंडिका है. मैगस्थनीज यूनानी था, जिसे यूनानी शासक सेल्यूकस ने अपना दूत बनाकर चन्द्रगुप्त मौर्य के दरबार में भेजा था. वह 302 ई.पू. से 298 ई.पू. तक मौर्य साम्राज्य की राजधानी पाटलिपुत्र में रहा. दुर्भाग्यवश उसका मूल ग्रन्थ नष्ट हो गया है, किन्तु बाद के यूनानी यात्रियों – स्ट्रेबो, प्लिनी, एरियन आदि के द्वारा दिए गए उद्धरणों से मैगस्थनीज के विवरण के सम्बन्ध में जानकारी मिलती है. शानबैक ने उसके द्वारा दिए गए विवरण का संग्रह कर अंग्रेजी अनुवाद किया है.

डायमेकस


इसे सीरिया के शासक एंटिओकस प्रथम (Antiochus I) के द्वारा बिंदुसार के दरबार में दूत बनाकर भेजा गया था. स्ट्रेबो के लेखों में हमें डायमेकस के द्वारा दिए गए विवरण प्राप्त होते हैं. उसके विवरण के अनुसार बिंदुसार ने सीरियन नरेश से अंजीर, मीठी शराब और यूनानी दार्शनिक मौर्य दरबार में भेजने को कहा था. सीरियन नरेश ने मीठी शराब और अंजीर तो भेज दी, पर यूनानी दार्शनिक भेजने में असमर्थता व्यक्त की. 

शनिवार, 30 मई 2020

जल संधि INDUS RIVER TREATY



क्या है यह सिन्धु जल संधि 


१. यह संधि भारत और पाकिस्तान के मध्य 1960 ई. में की गयी थी. भारत के प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरु और पाकिस्तान के जनरल अयूब खान के बीच सिन्धु नदी के जल को लेकर यह समझौता हुआ था.

२. इस संधि के तहत सिन्धु नदी की सहायक नदियों को दो भागों में बाँट दिया गया – – – पूर्वी भाग और पश्चिमी भाग.

३. पूर्वी भाग में जो नदियाँ बहती हैं, वे हैं–> सतलज, रावी और व्यास. इन तीनों नदियों पर भारत का फुल कण्ट्रोल है.

४. पश्चिमी भाग में जो नदियाँ बहती हैं, वे हैं–> सिंध, चेनाब और झेलम. भारत सीमित रूप से इन नदियों के जल का प्रयोग कर सकता है.



५. इस संधि के अनुसार पश्चिमी भाग में बहने वाली नदियों का भारत केवल 20% भाग प्रयोग में ला सकता है. हालाँकि, भारत इनमें “रन ऑफ़ द रिवर प्रोजेक्ट” पर काम कर सकता है. रन ऑफ़ द रिवर प्रोजेक्ट का अर्थ हुआ—>वे पनबिजली उत्पादन संयंत्र जिनमें जल को जमा करने की आवश्यकता नहीं है.

६. यह 56 साल पुरानी संधि है. 

गुरुवार, 28 मई 2020

BIMSTEC (Bay of Bengal Initiative for Multi-Sectoral Technical and Economic Cooperation)







BIMSTEC की स्थापना एवं स्वरूप

BIMSTEC का full form है – Bay of Bengal Initiative for Multi-Sectoral Technical and Economic Cooperation.
यह एक क्षेत्रीय संगठन है जिसकी स्थापना Bangkok Declaration के अंतर्गत जून 6, 1997 में हुई थी.
इसका मुख्यालय बांग्लादेश की राजधानी ढाका में है.
वर्तमान में इसमें 7 देश हैं (बांग्लादेश, भूटान, भारत, नेपाल, श्रीलंका) जिनमें 5 दक्षिणी-एशियाई देश हैं और 2 दक्षिण-पूर्व एशिया के देश (म्यांमार और थाईलैंड) हैं.
इस प्रकार के BIMSTEC के अन्दर दक्षिण ऐसा के सभी देश आ जाते हैं, सिवाय मालदीव, अफगानिस्तान और पाकिस्तान के.

BIMSTEC के उद्देश्य

BIMSTEC का मुख्य उद्देश्य दक्षिण-एशियाई और दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों (बंगाल की खाड़ी से संलग्न) के बीच तकनीकी और आर्थिक सहयोग को बढ़ावा देना है.
आज यह संगठन 15 प्रक्षेत्रों में सहयोग का काम कर रहा है, ये प्रक्षेत्र हैं –व्यापार, प्रौद्योगिकी, ऊर्जा, परिवहन, पर्यटन, मत्स्य पालन, कृषि, सार्वजनिक स्वास्थ्य, गरीबी उन्मूलन, आतंकवाद निरोध, पर्यावरण, संस्कृति, लोगों का लोगों से सम्पर्क, जलवायु परिवर्तन. 

राज्य के नीति-निर्देशक सिंद्धांत से जुड़े महत्‍वपूर्ण तथ्‍य



राज्य के नीति-निर्देशक सिंद्धांत से जुड़े महत्‍वपूर्ण तथ्‍य





राज्य के नीति निर्देशक सिंद्धांत का वर्णन संविधान के भाग-4 में (अनुच्छेद 36 से 51 तक) किया गया है. इसकी प्रेरणा आयरलैंड के संविधान से मिली है



1. राज्य के नीति निर्देशक सिंद्धांत का वर्णन संविधान के भाग-4 में (अनुच्छेद 36 से 51 तक) किया गया है. इसकी प्रेरणा आयरलैंड के संविधान से मिली है.

2. इसे न्यायलय द्वारा लागू नहीं किया जा सकता यानी इसे वैधानिक शक्ति प्राप्त नहीं है.

राज्य नीति निर्देशक सिंद्धांत निम्न हैं:

अनुच्छेद 38 कल्याण की अभिवृद्धि के लिए सामाजिक व्यवस्था बनाएगा, जिससे नागरिक को सामाजिक, आर्थिक एवं राजनीतिक न्याय मिलेगा.

अनुच्छेद 39 (क) सामान न्याय और नि:शुल्क विधिक सहायता, समान कार्य के लिए समान वेतन की व्यवस्था इसी में है.

अनुच्छेद 39 (ख) सार्वजनिक धन का स्वामित्व तथा नियंत्रण इस प्रकार करना ताकि सार्वजनिक हित का सर्वोत्तम साधन हो सके.

अनुच्छेद 39 (ग) धन का समान वितरण.

अनुच्छेद 40 ग्राम पंचायतों का संगठन.

अनुच्छेद 41 कुछ दशाओं में काम, शिक्षा और लोक सहायता पाने का अधिकार.

अनुच्छेद 42 काम की न्याय-संगत और मानवोचित दशाओं का तथा प्रसूति सहायता का उपबंध.

अनुच्छेद 43 कर्मकारों के लिए निर्वाचन मजदूरी एवं कुटीर उघोग को प्रोत्साहन.

अनुच्छेद 44 नागरिकों के लिए एक समान सिविल संहिता.

अनुच्छेद 46 अनुसूचित जातियां, अनुसूचित जनजातियों और अन्य दुर्बल वर्गों की शिक्षा और अर्थ-संबंधी हितों की अभिवृद्धि.

अनुच्छेद 47 पोषाहार स्तर, जीवन स्तर को ऊंचा करने तथा लोक स्वाथ्य का सुधार करने का राज्य का कर्तव्य.

अनुच्छेद 48 कृषि एवं पशुपालन का संगठन

IMPORTANT ARTICLES Of Indian Constitutions


अनुच्छेद (Article) 1 – संघ का नाम औ राज्य क्षेत्र
अनुच्छेद (Article) 2 – नए राज्यों का प्रवेश या स्थापना
अनुच्छेद (Article) 3 – राज्य का निर्माण तथा सीमाओं या नामों मे परिवर्तन
अनुच्छेद (Article) 4 – पहली अनुसूचित व चौथी अनुसूची के संशोधन तथा दो और तीन के अधीन बनाई गई विधियां
अनुच्छेद (Article) 5 – संविधान के प्रारं पर नागरिकता
अनुच्छेद (Article) 6 – भारत आने वाले व्यक्तियों को नागरिकता
अनुच्छेद (Article) 7 – पाकिस्तान जाने वालों को नागरिकता
अनुच्छेद (Article) 8 – भारत के बाहर रहने वाले व्यक्तियों का नागरिकता
अनुच्छेद (Article) 9 – विदेशी राज्य की नागरिकता लेने पर भारत का नागरिक ना होना
अनुच्छेद (Article) 10 – नागरिकता क अधिकारों का बना रहना
अनुच्छेद (Article) 11 – संसद द्वारा नागरिकता के लिए कानून का विनियमन
अनुच्छेद (Article) 12 – राज्य की परिभाषा
अनुच्छेद (Article) 13 – मूल अधिकारों को असंगत या अल्पीकरण करने वाली विधियां
अनुच्छेद (Article) 14 – विधि के समक्ष समानता
अनुच्छेद (Article) 15 – धर्म जाति लिंग पर भेद का प्रतिशेध
अनुच्छेद (Article) 16 – लोक नियोजन में अवसर की समानता
अनुच्छेद (Article) 17 – अस्पृश्यता का अंत
अनुच्छेद (Article) 18 – उपाधीयों का अंत
अनुच्छेद (Article) 19 – वाक् की स्वतंत्रता
अनुच्छेद (Article) 20 – अपराधों के दोष सिद्धि के संबंध में संरक्षण
अनुच्छेद (Article) 21 – प्राण और दैहिक स्वतंत्रता
अनुच्छेद (Article) 21 क – 6 से 14 वर्ष के बच्चों को शिक्षा का अधिकार 

Polity - अब तक पूछे गए प्रश्न





    उद्देशिका

    • 26 जनवरी 1950 को

    "संपूर्ण प्रभुत्व संपन्न लोकतांत्रिक गणराज्य"

    • 42 amendment constitutional*****

             समाजवादी पंथनिरपेक्ष एवं अखंड- यह शब्द जोड़े गए

    • संविधान निर्माताओं का मत उद्देशिका में प्रतिबंधित होता है
    • Indian constitution का कौन सा भाग संविधान की आत्मा है उद्देशिका
    •  अंबेडकर के संदर्भ में -संवैधानिक उपचारों का अधिकार

     

     

    शासन प्रणाली

    राज्य के चार आवश्यक तत्व

    1. जनसंख्या
    2. भूभाग
    3.  सरकार
    4.  संप्रभुता (सबसे जरूरी)

     

    • गणतंत्र का मतलब

          भारत में वंशानुगत शासन नहीं है

     

    राष्ट्रीय प्रतीक

    • जन गण मन को राष्ट्रगान के रूप में अपनाया= 24 जनवरी 1950
    • राष्ट्रीय चिन्ह= अशोक स्तंभ ( सारनाथ वाराणसी) को अपनाया= 26 जनवरी 1950
    • राष्ट्रीय ध्वज अपनाया 2 जुलाई 1947
    • राष्ट्रीय ध्वज में चक्र प्रतीक है न्याय का

     

    राज्य एवं संघ राज्य क्षेत्र

    • आर्टिकल 2 =नए राज्यों का प्रवेश
    • आर्टिकल 3=नया राज्य को बनाने का अधिकार संसद द्वारा
    • संसद में साधारण बहुमत से बनाए जा सकते हैं
    • UT के लिए कितनी सीटें आरक्षित है= 20
    • भाषाई आधार पर राज्यों का पुनर्गठन हुआ= 1956*****

     

    नागरिकता

    • नागरिकता को तय करने का अधिकार संसद को है
    • भारतीय मूल के व्यक्ति को भारत की नागरिकता मिलेगी भारत में 7 वर्ष बिताने पर

     

    मूल अधिकार

    • मूल अधिकार सिर्फ आपातकाल में निलंबित हो सकते हैं
    • मूल अधिकारों का जिक्र पहली बार नेहरू रिपोर्ट में हुआ
    • Article 17=अस्पृश्यता का उन्मूलन******
    • आर्टिकल 24=बच्चों के शोषण से संबंधित है******
    • प्रेस की स्वतंत्रता संबंधित है=article 19 (1)(a)*****

      वाक स्वतंत्रता के अंतर्गत

    • एकांत का अधिकार= article 19 (1) +आर्टिकल 21
    • संपत्ति का अधिकार कब खत्म हुआ=44th amendment 1978*********
    • Article 19=अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अधिकार (विदेशियों को प्राप्त नहीं है)
    • आर्टिकल 25 में प्रयुक्त हिंदू शब्द में किसे सम्मिलित नहीं किया गया है पारसी धर्म
    • व्यक्ति की स्वतंत्रता का महान रक्षक किसे कहा गया=बंदी प्रत्यक्षीकरण

     

    नीति निदेशक तत्व

    • आयरलैंड से लिए गए हैं और कल्याणकारी राज्य का समावेश करते हैं
    • यह न्यालय द्वारा बदले नहीं जा सकते हैं और वाद योग्य भी नहीं है
    • Article 39d=समान कार्य के लिए समान वेतन
    • आर्टिकल 51=भारत की विदेश नीति से संबंधित

     

    मूल कर्तव्य (भाग 4 )

    • कुल 11 है** और इन्हें सरदार स्वर्ण सिंह की सिफारिश से लाया गया
    • 42nd amendment द्वारा लाए गए***
    • वन्य प्राणियों के संरक्षण की भी बात करता है

     

    संविधान सभा एवं संविधान निर्माण की प्रक्रिया

    • भारतीयों की ओर से सर्वप्रथम संविधान सभा की मांग की गई 1934 स्वराज्य पार्टी रांची में
    • 1934 में ही संविधान सभा के गठन का विचार MN Roy ने दिया
    • भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के स्तर पर पहली बार वर्ष 1935 में संविधान निर्माण के लिए आधिकारिक मांग की गई l
    • कैबिनेटकैबिनेट योजना के तहत 1946 में संविधान सभा का गठन किया गया=प्रतिनिधि निर्वाचन के आधार पर**
    • एक निर्वाचित संविधान सभा द्वारा भारत के संविधान निर्माण करने का प्रस्ताव दिया गया था=cripps mission 1942
    • संविधान सभा के सदस्यों को चुना गया=विभिन्न प्रांतों की विधानसभाओं के द्वारा*****
    • यह वयस्क मताधिकार पर आधारित थी और अप्रत्यक्ष निर्वाचन का परिणाम थी
    • पहली बैठक 9 दिसंबर 1946 अस्थाई अध्यक्ष डॉ सच्चिदानंद सिन्हा*****
    • दूसरी बैठक 11 दिसंबर 1946 स्थाई अध्यक्ष डॉ राजेंद्र प्रसाद****
    • संविधान सभा के सम्मुख संविधान की प्रस्तावना का प्रस्ताव किसने रखा

    13 दिसंबर 1946 को एक उद्देश्य प्रस्ताव जवाहरलाल नेहरू**** ने पेश किया आगे चलकर यही प्रस्तावना का प्रारूप बना

    • भारतीय संविधान के निर्माण में संविधान सभा को 2 वर्ष 11 महीने 18 दिन लगे इस दौरान 11 अधिवेशन हुए 11 वे अधिवेशन अंतिम दिन 26 नवंबर 1949 को हुआ और इसी दिन संविधान को अंगीकृत किया गया
    • 12 वां अधिवेशन 24 जनवरी 1950 को हुआ जिसमें भारत के संविधान पर हस्ताक्षर करना था
    • भारतीय संविधान के निर्माण के समय संवैधानिक सलाहकार कौन थे=बेनेगल नरसिंह राव BN Rao*****
    • संविधान सभा का पहला  प्रारूप किसने तैयार किया BN Rao
    • लाहौर अधिवेशन दिसंबर 1929 में पूर्ण स्वराज की घोषणा की गई थी और 26 जनवरी को स्वतंत्रता दिवस के रूप में मनाने का संकल्प लिया था किंतु भारत 15 अगस्त कोई स्वतंत्र हो गया इसलिए 26 जनवरी की तिथि को अविस्मरणीय बनाने के लिए 26 जनवरी 1950 को संविधान लागू किया गया
    • भारतीय  संविधान किसके द्वारा अधिनियमित किया गया या स्वीकृत किया गया= संविधान सभा****
    • तृतीय गोलमेज का परिणाम भारत सरकार अधिनियम 1935 था
    • संविधान  सभा कांग्रेस थी और कांग्रेस भारत था=granville Austin
    • संविधान  सभा मैं कुल कितनी महिला सदस्य थी= 15
    • प्रांतीय  संविधान समिति के अध्यक्ष सरदार पटेल
    • प्रारूप  समिति के अध्यक्ष. अंबेडकर*****
    • झंडा समिति के अध्यक्ष डॉ राजेंद्र प्रसाद

     

    कंपनी के अंतर्गत पारित अधिनियम

    • 1773 का रेगुलेटिंग एक्ट
    1. बंगाल के गवर्नर को बंगाल का गवर्नर जनरल कहा जाने लगा
    2. कोलकाता में सर्वोच्च न्यायालय की स्थापना का प्रावधान हुआ और इसके प्रथम मुख्य न्यायाधीश था सर एलिजा इंपे
    • पिट्स इंडिया एक्ट 1784
    1. कंपनी के राजनीतिक और व्यापारिक कार्यों को अलग किया गया
    2. राजनीतिक मामलों के प्रबंधन के लिए बोर्ड ऑफ कंट्रोल का गठन किया गया
    • 1813 चार्टर अधिनियम

              इंग्लिश मिशनरियों को भारत में कार्य करने की अनुमति

    • भारत में संघीय न्यायालय की स्थापना 1937 को इंडिया एक्ट 1935 के अंतर्गत की गई***
    • 1919 मांटेग्यू चेम्सफोर्ड सुधार

    प्रांतों में द्वैध शासन 1919 के अधिनियम में किया गया(द्विसदनीय व्यवस्था)

    • चार्टर एक्ट 1813
    1. पहली बार संपूर्ण भारत के लिए पृथक विधान परिषद की स्थापना हुई आगे चलकर यह लघु संसद बनी
    2. पहली बार सिविल सेवा में भारतीयों को शामिल किया गया
    • Government of India act 1858

    ब्रिटिश क्राउन शासन अपने हाथ में ले लिया

    • Indian council  act 1909 मार्ले मिंटो सुधार
    1. जाति वर्ग धर्म के आधार पर पृथक निर्वाचन प्रणाली की व्यवस्था
    2. लॉर्ड मिंटो को सांप्रदायिक निर्वाचन का जनक कहा जाता है

     

    • 1935 के अधिनियम
    1. प्रांतों का द्वैध शासन खत्म किया गया और केंद्र में द्वैध शासन लगाया गया
    2. केंद्र और राज्यों  के बीच की शक्तियों का विभाजन किस योजना के आधार पर था=India act 1935
    3. आरबीआई की स्थापना
    4. जवाहरलाल  नेहरू ने गुलामी का अधिकार पत्र कहा
    5. लखनऊ अधिवेशन 1936 में इसे अस्वीकार कर दिया गया (अध्यक्ष जवाहरलाल नेहरू)
    6. इसमें अवशेष शक्तियां गवर्नर जनरल को दी गई**
    7. बर्मा भारत से अलग हुआ 1937 में

     

     

     

     

     

     


Banks Board Bureau: Composition & Functions

Banks Board Bureau: Composition & Functions

Introduction

Banks Board Bureau is the first ingenuity towards a holding company structure for public sector banks (PSBs). BBB is an autonomous body of Union Government of India tasked to improve the governance of Public Sector Banks, recommend selection of chiefs of government-owned banks and financial institutions and to help banks in developing strategies and capital raising plans.



It is situated at RBI’s Central Office in Mumbai. The chairman of Bank Board Bureau is Mr. Vinod Rai. He was the 11th Comptroller and Auditor General of India and is known for Audits on 2G spectrum allocation, Coal allocation.
The bureau was announced as part of the seven-point Indradhanush plan to revamp public sector banks.

credit google

Composition


  • BBB have three ex-officio members (government) and three expert members, two of which are from the private sector, in addition to Chairman. 
  • The tenure of Rai and other members of the board are of two years. It is interesting to note that all the Members and Chairman are part time. 
  • BBB is not funded from the Consolidated Fund of India.
  • This step of forming BBB is seen as an interim step towards establishing a holding and investment Company for Banks, an idea first mooted at the maiden banking conclave Gyan Sangam.

Functions undertaken by BBB


  • The Bureau will recommend for selection of heads - Public Sector Banks and Financial Institutions and help Banks in developing strategies and capital raising plans.
  • The Bureau helps Banks in developing strategies and capital raising plans through innovative financial methods and instruments.
  • BBB also advises banks on strategies for consolidation among them including mergers and acquisitions.
  • It also infuses efficiency and transparency in the Banking sector.
  • Once it develops credibility, it can start viewing into the strategies of various banks and can give guidance to banks if they require. BBB will also be a link between the government and banks, and will work together with banks in developing strategies for them. Through this government is trying to professionalise the management of public sector banks.